Budget 2024: इनकम टैक्स देना पड़ेगा उतना ही, मगर हो सकता 25 हजार तक का फायदा, पढ़ें कैसे

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Budget 2024 Result: 

वैसे तो अंतरिम बजट में इनकम टैक्स को लेकर तो कोई सीधी राहत नहीं है, लेकिन टैक्स नोटिस को लेकर वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान किया है. इससे करीब एक करोड़ लोगों को 25 हजार रुपये तक का फायदा मिलने की उम्मीद है.

मौजूदा सरकार के आखिरी बजट में इनकम टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे करीब एक करोड़ आयकरदाता राहत की सांस ले सकते हैं. बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बकाया टैक्स संबंधी नोटिसों के निपटान की दिशा में बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है. 1962 से 2010 तक 25,000 रुपये और 2011 से 2015 तक 10,000 रुपये तक की बकाया कर मांग माफ की जाएगी।

इनकम टैक्स नोटिस से राहत कैसे मिली?

यदि 1962 से वित्तीय वर्ष 2009-10 के बीच 25,000 रुपये तक के प्रत्यक्ष कर बकाए के लिए किसी को नोटिस भेजा गया है, तो ये मामले वापस ले लिए जाएंगे। इसी तरह वित्त वर्ष 2010-11 से 2014-15 के बीच 10,000 रुपये तक के बकाया प्रत्यक्ष कर नोटिस के मामले भी वापस लेने का फैसला किया गया है.

कहा कि इस कदम से करीब एक करोड़ करदाताओं को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और हमारा कदम इस दिशा में एक और कदम है।

क्या हासिल होगा ऐसा करने से?

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इसका मकसद टैक्स विवादों से जुड़े छोटे-छोटे मामलों का निपटारा करना है ताकि टैक्स विभाग अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल राजस्व बढ़ाने में कर सके. उन्होंने कहा कि इससे दो काम होंगे, पहला, छोटे करदाताओं को मानसिक शांति मिलेगी और विभाग अधिक महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा.

कहा कि पुराने विवादों के समाधान की घोषणा से टैक्स रिफंड की प्रक्रिया आसान हो जायेगी. उन्होंने कहा, “खातों की किताबों में बड़ी संख्या में छोटी, असत्यापित, असमायोजित या विवादित कर मांगें लंबित हैं।” इनमें से कई मांगें 1962 से पहले की हैं। इससे ईमानदार करदाताओं को परेशानी होती है और रिफंड जारी करने की प्रक्रिया में भी बाधा आती है।

क्या है सरकार की प्राथमिकता?

सीतारमण ने अपने भाषण में कहा, “चार प्रमुख जातियों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, जो गरीब, महिलाएं, युवा और किसान हैं।” उन्होंने कहा कि उनकी आवश्यकताएं, आकांक्षाएं और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आगे बढ़ेंगे तभी देश आगे बढ़ेगा। इन चारों को अपने जीवन को बेहतर बनाने के प्रयासों में सरकार से समर्थन की आवश्यकता है और उन्हें समर्थन मिलेगा। उनका सशक्तिकरण और कल्याण देश को आगे ले जाएगा।” उन्होंने कहा कि पहले सामाजिक न्याय ज्यादातर एक राजनीतिक नारा था, लेकिन इस सरकार के लिए सामाजिक न्याय शासन का एक प्रभावी और आवश्यक मॉडल है।

 

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